खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ी न केवल देश का नाम रोशन करते हैं, बल्कि उनका जीवन संघर्ष और समर्पण की एक अद्वितीय गाथा होती है। खेलों के माध्यम से न केवल वे अपने व्यक्तिगत लक्ष्य को प्राप्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता भी रखते हैं। ऐसे खिलाड़ियों को शिक्षा के क्षेत्र में भी समान अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें। इस दृष्टिकोण से, “खेल पदक विजेताओं/राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना” एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल है।
खेल पदक विजेताओं/राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना – उद्देश्य
शिक्षा मंत्रालय के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा शुरू की गई “खेल पदक विजेताओं/राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क शिक्षा” योजना ऐसे खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में पदक जीते हैं। इसका उद्देश्य उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु मार्गदर्शन करना तथा खेल एवं शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु सहायता प्रदान करना।
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खेल पदक विजेताओं/राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना – लाभ
खिलाड़ियों के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना वास्तविक व्यय के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान करती है-
1. ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप (20 से अधिक देशों में) में पदक विजेता
शिक्षण शुल्क और अन्य फंड (वास्तविक व्यय के अनुसार):
- स्नातक की डिग्री
- स्नातकोत्तर
- डिप्लोमा
- एम.फिल: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
- पीएचडी: जेआरएफ स्केल (यूजीसी) के अनुसार
- एमबीए या अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
छात्रावास सुविधाएँ (भोजन और आवास): वास्तविक व्यय के अनुसार
विदेश में विशेष पाठ्यक्रमों के लिए भत्ते: भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार
किट भत्ता: ₹15000 प्रति वर्ष
2. राष्ट्रमंडल, एशियाई और अफ्रीकी-एशियाई खेलों में पदक विजेता
शिक्षण शुल्क और अन्य फंड (वास्तविक व्यय के अनुसार):
- स्नातक की डिग्री
- स्नातकोत्तर
- डिप्लोमा
- एम.फिल: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
- पीएच.डी.: जेआरएफ स्केल (यूजीसी) के अनुसार
- एमबीए या अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
छात्रावास सुविधाएँ (भोजन और आवास): वास्तविक व्यय के अनुसार
विदेश में विशेष पाठ्यक्रमों के लिए भत्ते: भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार
किट भत्ता: ₹15000 प्रति वर्ष
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3. विश्व चैंपियनशिप (20 से कम देशों में), एशियाई चैंपियनशिप में पदक विजेता
शिक्षण शुल्क और अन्य फंड (वास्तविक व्यय के अनुसार):
- स्नातक की डिग्री
- स्नातकोत्तर
- डिप्लोमा
- एम.फिल: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
- पीएच.डी.: जेआरएफ स्केल (यूजीसी) के अनुसार
- एमबीए या अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
छात्रावास सुविधाएँ (भोजन और आवास): वास्तविक व्यय के अनुसार
विदेश में विशेष पाठ्यक्रमों के लिए भत्ते: भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार
किट भत्ता: ₹10000 प्रति वर्ष
4. एशियाई चैंपियनशिप, विश्व विश्वविद्यालय खेलों में भागीदारी और SAF खेलों में पदक
शिक्षण शुल्क और अन्य फंड (वास्तविक व्यय के अनुसार):
- स्नातक की डिग्री
- स्नातकोत्तर
- डिप्लोमा
- एम.फिल: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
- पीएच.डी.: जेआरएफ स्केल (यूजीसी) के अनुसार
- एमबीए या अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
छात्रावास सुविधाएँ (भोजन और आवास): वास्तविक व्यय के अनुसार
विदेश में विशेष पाठ्यक्रमों के लिए भत्ते: भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार
किट भत्ता: ₹7500 प्रति वर्ष
5. SAF खेलों में भागीदारी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक विजेता
शिक्षण शुल्क और अन्य फंड (वास्तविक व्यय के अनुसार):
- स्नातक की डिग्री: वास्तविक व्यय का 75%
- स्नातकोत्तर: वास्तविक व्यय का 75%
- डिप्लोमा: वास्तविक व्यय का 75%
- एम.फिल: ₹5000 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
- पीएच.डी.: ₹7500 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
- एमबीए या अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम: ₹5000 प्रति माह + अतिरिक्त वास्तविक खर्च
छात्रावास सुविधाएँ (भोजन और आवास): वास्तविक व्यय के अनुसार
विदेश में विशेष पाठ्यक्रमों के लिए भत्ते: भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार
किट भत्ता: ₹6000 प्रति वर्ष
Sports Scholarship – वित्तीय सहायता वितरण
यह राशि डीबीटी मोड के माध्यम से सीधे उम्मीदवार के बैंक खाते में जमा की जाएगी। इसके अलावा, विश्वविद्यालय/कॉलेज को संबंधित खेल प्रदर्शन के आधार पर सहायता राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
खिलाड़ियों के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना – पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मिलेगा जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय खेलों में पदक जीते हैं। यह योजना यूजीसी अधिनियम, 1956 के तहत मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संस्थानों में प्रवेश लेने वाले खिलाड़ियों के लिए है। साथ ही, योजना में खिलाड़ियों का प्रदर्शन स्तर हर साल उनके खेल प्रदर्शन के आधार पर तय किया जाएगा।
छात्रवृत्ति रद्दीकरण
यूजीसी निम्नलिखित कारणों से किसी भी छात्र की छात्रवृत्ति रद्द कर सकता है –
- यदि विश्वविद्यालय/कॉलेज/संस्थान द्वारा उम्मीदवार के गलत आचरण की रिपोर्ट की जाती है।
- यदि उम्मीदवार की प्रगति असंतोषजनक रहती है, यानी वह लगातार अपनी परीक्षाओं में असफल होता है, तो उसे आगे की सहायता नहीं दी जाएगी।
- विश्वविद्यालय की सिफारिश पर आयोग द्वारा छात्रवृत्ति रद्द की जा सकती है।
यह निर्णय किसी भी समय कार्यकाल के दौरान लिया जा सकता है, और आयोग का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।
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Sports Scholarship – आवेदन प्रक्रिया
चरण 1: ऑनलाइन पोर्टल http://www.ugc.ac.in पर जाकर आवेदन पत्र भरें।
चरण 2: रजिस्ट्रार/प्रिंसिपल/निदेशक द्वारा सत्यापित पदक विजेता प्रमाण पत्र जमा करें।
चरण 3: यूजीसी द्वारा डीबीटी मोड के माध्यम से राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
चरण 4: अपूर्ण आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया के सभी निर्देशों का पालन करें।
Scholarship for Sportsperson – आवश्यक दस्तावेज़
• आवेदक का आधार कार्ड
• भागीदारी/पदक प्राप्ति प्रमाण पत्र
• छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र
• प्रगति रिपोर्ट
• उपयोगिता प्रमाण पत्र
• रजिस्ट्रार/प्रिंसिपल द्वारा भेजा गया औचित्य पत्र
• छात्रवृत्ति राशि की प्राप्ति प्रमाण पत्र
APAAR ID – छात्रों की शैक्षिक सुगमता हेतु अनिवार्य!
Sports Scholarship – महत्वपूर्ण लिंक
खेल पदक विजेताओं/राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना: FAQ
प्रश्न – इस खेल पदक विजेताओं के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर – खेल पदक विजेताओं/राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क शिक्षा योजना का उद्देश्य पदक विजेताओं/विशिष्ट खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे पीजी डिप्लोमा और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों सहित सभी पूर्णकालिक नियमित पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर सकें। इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को शिक्षा और खेल विकास हेतु मदद देकर उच्च स्तर के प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
प्रश्न – क्या मुझे विश्वविद्यालय/कॉलेज के माध्यम से कोई दस्तावेज़ जमा करना होगा?
उत्तर – हां, आपको भागीदारी/पदक जीतने का प्रमाण पत्र (रजिस्ट्रार/प्रिंसिपल द्वारा सत्यापित) जमा करना होगा।
प्रश्न – क्या विश्वविद्यालय/कॉलेज/संस्थान को यूजीसी को कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत करना होगा?
उत्तर – हां, विश्वविद्यालय/संस्थान को हर साल निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत करना होगा:
- छात्रवृत्ति के लिए चुने गए छात्रों के नाम और उनकी छात्रवृत्ति प्राप्ति रसीद
- पहले वर्ष के बाद खेल प्रदर्शन और शिक्षा में प्रगति रिपोर्ट
- पिछले अनुदान का उपयोगिता प्रमाण पत्र
- छात्रवृत्ति जारी रखने का औचित्य (रजिस्ट्रार/प्रिंसिपल द्वारा)
प्रश्न – क्या मैं ऑफलाइन आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर – नहीं, आपको आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल http://www.ugc.ac.in पर उपलब्ध दिशानिर्देशों के माध्यम से ही जमा करना होगा।
प्रश्न – वित्तीय सहायता की राशि कैसे वितरित की जाएगी?
उत्तर – राशि की प्रतिपूर्ति यूजीसी द्वारा डीबीटी मोड (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से की जाएगी।
प्रश्न – क्या इस योजना के लिए आयु सीमा है?
उत्तर – नहीं, इस योजना के लिए कोई आयु सीमा नहीं है।
प्रश्न – क्या इस योजना के लिए चयनित उम्मीदवार अन्य किसी योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर – हाँ,, इस योजना से लाभ उठाने वाले छात्रों को अन्य स्रोतों से मिलने वाली छात्रवृत्तियाँ लेने से नहीं रोका जाएगा, वे अन्य लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्न – यदि मैं बिना यूजीसी की अनुमति के पढ़ाई छोड़ देता हूँ, तो क्या होगा?
उत्तर – अगर आप बिना यूजीसी की अनुमति के पढ़ाई छोड़ते हैं, तो आपको छात्रवृत्ति के रूप में मिली राशि वापस करनी होगी।
प्रश्न – किस स्थिति में यूजीसी मेरी छात्रवृत्ति समाप्त कर सकता है?
उत्तर – यूजीसी आपकी छात्रवृत्ति निम्नलिखित स्थितियों में समाप्त कर सकता है:
- यदि विश्वविद्यालय/कॉलेज/संस्थान ने आपके कदाचार की रिपोर्ट दी हो
- यदि आपकी प्रगति असंतोषजनक है और आप बार-बार परीक्षा में असफल होते हैं
- विश्वविद्यालय की सिफारिश पर, आयोग कभी भी छात्रवृत्ति समाप्त कर सकता है, और आयोग का निर्णय अंतिम होगा।
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