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Post Matric Scholarships Scheme for Minorities

माइनॉरिटीज स्कॉलरशिप – अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना

by Shruti Pandey

अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – यह मिनिस्ट्री ऑफ़ माइनॉरिटी अफेयर्स (मोमा) द्वारा माइनॉरिटी समुदायों से संबंधित छात्रों के उत्थान के लिए दी जाती है। भारत सरकार के अनुसार  मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन माइनॉरिटी समुदाय के रूप में घोषित किये गए हैं। इस पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के अंतर्गत उच्च शिक्षा को करने के लिए कक्षा 11 वीं से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई करने वाले माइनॉरिटीज छात्रों को सालाना 10,000 रुपये तक दिए जाते हैं।

इस लेख में हम मोमा स्कॉलरशिप – माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप और इसके विभिन्न पहलुओं जैसे कि उद्देश्य, योग्यता, पुरस्कार, महत्वपूर्ण तिथियां, एप्लीकेशन प्रक्रिया, डाक्यूमेंट्स और भी बहुत कुछ के बारे में गंभीरता से बताने जा रहे हैं।

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अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – उद्देश्य

किसी छात्र के लिए अवसरों को प्राप्त करने में उसके परिवार की आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। कई बार, कई योग्य मेधावी छात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होने के कारण कुछ अच्छे अवसरों को प्राप्त करने से चूक जाते हैं। इससे काफी ख़राब स्थिति पैदा होती है जो आगे चलकर प्रतिभा की हानि का कारण बनता है।

भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को आर्थिक मदद प्रदान करने के उद्देश्य से कार्य करती है। इस स्कॉलरशिप के माध्यम से सरकार का उद्देश्य माइनॉरिटी समुदायों से संबंधित छात्रों के बीच उच्च शिक्षा स्तर को प्राप्त करने की दर को बढ़ाना है।

अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – योग्यता

माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप कक्षा 11 और इससे ऊपर की पढ़ाई करने वाले माइनॉरिटी छात्रों को दी जाती है। इसलिए इस मोमा स्कॉलरशिप के लिए योग्य उम्मीदवार किसी भी एक माइनॉरिटी समुदाय से संबंधित होने चाहिए। माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए योग्यता आवश्यकताओं को आप नीचे देख सकते हैं।

  • आवेदकों को भारत सरकार द्वारा घोषित किये गए माइनॉरिटी समुदाय से संबंधित होने चाहिए। इनमें मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन शामिल हैं।
  • उम्मीदवारों को कक्षा 11 या उससे ऊपर में अध्यनरत होने चाहिए। इस प्रकार  कक्षा 11, 12, स्नातक, स्नातकोत्तर, तकनीकी या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, एम फिल या पीएचडी में अध्ययनरत छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने के लिए योग्य हैं।
  • इस मोमा स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने वाले छात्रों को पिछली फाइनल परीक्षा में न्यूनतम 50% अंक या समकक्ष ग्रेड लाने चाहिए।
  • उम्मीदवार के माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस वार्षिक आय में सभी स्रोतों से आने वाले कुल आय शामिल हैं।

अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – मुख्य तिथियां

वह जो माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए योग्य हैं उनको भी इसके मुख्य तिथियों के बारे में पता होना चाहिए ताकि ठीक समय पर स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई किया जा सके। इस प्रकार  नीचे दी गई तालिका में स्कॉलरशिप के लिए सम्बंधित तिथियों को दर्शाया गया है।

माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां

क्र.सं. कार्यक्रम प्रमुख तिथियां*
1 एप्लीकेशन प्रारम्भ  होने की तिथि जुलाई से अगस्त
2 एप्लीकेशन समाप्त  होने की तिथि सितंबर से अक्टूबर

* ऊपर दी गयी प्रमुख तिथियां अस्थायी हैं और स्कॉलरशिप प्रदाता के निर्णय के अनुसार बदल सकती हैं।

अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – एप्लीकेशन प्रक्रिया

जो माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करना चाहते हैं वे नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल या एनएसपी के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं। एनएसपी विभिन्न केंद्र प्रायोजित स्कॉलरशिप योजनाओं के लिए एक सरकारी पोर्टल है। यह स्कॉलरशिप लिस्टिंग, एप्लीकेशन, रिसीप्ट, सैंक्शन और डिस्बर्सल सहित स्कॉलरशिप से संबंधित विभिन्न सुविधाओं को एक ही जगह प्रदान करता है। यह छात्रों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाता है क्योंकि उन्हें अब किसी भी स्कॉलरशिप से संबंधित जानकारी के लिए कई स्रोतों पर जाने की जरुरत नहीं होती है।

एनएसपी के माध्यम से नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करके आप माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं :

  1. आवेदक को सबसे पहले एनएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है।
  2. सभी जरुरी विवरण प्रदान करके नए यूजर के रूप में रजिस्टर करने की जरुरत होती है।
  3. अधिवास विवरण, नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, लिंग, ईमेल आईडी प्रदान करें और अप्लाई करने के लिए स्कॉलरशिप का चयन करें।
  4. इस स्टेप को पूरा करने के बाद एक ओटीपी जेनरेट होगा। मोबाइल नंबर को वेरीफाई करने के लिए इस ओटीपी का उपयोग करें।
  5. एनएसपी पर लॉग इन करने और फॉर्म भरने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग करें।
  6. यह एक एप्लिकेशन आईडी और पासवर्ड जेनरेट करेगा जिसका उपयोग भविष्य में जरुरत पड़ने पर किया जा सकता है।

यहाँ पर सभी को यह ध्यान देना चाहिए कि एप्लीकेशन जमा करने के बाद एप्लीकेशन में कोई बदलाव करना संभव नहीं होगा।

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अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – जरुरी डॉक्यूमेंट

माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करते समय, आवेदक को एप्लीकेशन पोर्टल पर डॉक्यूमेंट का एक निश्चित सेट अपलोड करना होगा। यहाँ पर निम्नलिखित डॉक्यूमेंट दिए गए हैं जिसे उम्मीदवार को अपलोड करने की जरूरत होती है :

  • संबंधित राज्य का अधिवास प्रमाण पत्र
  • छात्र द्वारा माइनॉरिटी समुदाय प्रमाण पत्र की स्व-घोषणा पत्र
  • पिछली शैक्षणिक मार्कशीट की स्व-सत्यापित प्रति
  • आधार नामांकन या आधार कार्ड की प्रति
  • नामांकित राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के अधिकारी द्वारा जारी किया गया आय प्रमाण पत्र
  • विद्यार्थी के नाम का बैंक खाते का प्रमाण या माता / पिता के साथ संयुक्त खाता

अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – लाभ

स्कॉलरशिप सरकारी या निजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय / कॉलेज / विश्वविद्यालय में भारत में पढ़ाई करने के लिए योग्य छात्रों को आर्थिक मदद प्रदान करती है, जिसमें राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित क्षेत्र प्रशासन द्वारा पारदर्शी तरीके से चुने गए और घोषित किए गए सरकारी और योग्य निजी संस्थानों के आवासीय संस्थान शामिल हैं। स्कॉलरशिप औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों / औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों में अन्य तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी शामिल करती है, जो 11 वीं और 12 वीं स्तर की राष्ट्रीय काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) से संबद्ध हैं, जिसमें पॉलिटेक्निक और अन्य पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

हालांकि यह स्कॉलरशिप 1 वर्ष की अवधि से कम किसी भी कोर्स को कवर नहीं करती है। इसके अलावा  सर्टिफिकेट कोर्स भी इस स्कॉलरशिप के दायरे में नहीं आते हैं।

यह स्कॉलरशिप एडमिशन और कोर्स / ट्यूशन फीस के साथ-साथ मेंटेनेंस भत्ता के लिए भी आर्थिक मदद प्रदान करती है। नीचे दी गई तालिका में स्कॉलरशिप के लिए विस्तृत जानकारी को दर्शाया गया है।

माइनॉरिटीज के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत पुरस्कार

आइटम                               स्कॉलरशिप  के लाभ
कक्षा 11 वीं और 12 वीं  के लिए एडमिशन और ट्यूशन फीस : रूपया 7,000 / – प्रति वर्ष वास्तविक  के तहत (हॉस्टलर और डे स्कॉलर दोनों के लिए)
स्कॉलरशिप एडमिशन की दर + ट्यूशन फीस 11 वीं और 12 वीं  स्तर के तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए एडमिशन और कोर्स / ट्यूशन फीस (एक साल से अधिक के पाठ्यक्रम की अवधि): रूपया 10,000 / – प्रति वर्ष वास्तविक के तहत (हॉस्टलर और डे स्कॉलर दोनों के लिए)
यूजी और पीजी स्तर के लिए एडमिशन और ट्यूशन फीस : रूपया 3,000 / – प्रति वर्ष वास्तविक के तहत  (हॉस्टलर और डे स्कॉलर दोनों के लिए)
तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम सहित कक्षा 11 वीं और 12 वीं  के लिए* : रूपया 380 / – प्रति माह हॉस्टलर के लिए  और रूपया 230 / – प्रति माह डे स्कॉलर के लिए
मेंटेनेंस  भत्ता यूजी और पीजी स्तर पर  तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अलावा अन्य पाठ्यक्रमों के लिए : रूपया 570 / – प्रति माह हॉस्टलर के लिए और रूपया 300 / – प्रति माह  डे स्कॉलर के लिए
एम फिल और पीएचडी* के लिए : रूपया 1,200 / – प्रति माह हॉस्टलर के लिए और रूपया 550 / – प्रति माह स्कॉलर के लिए

* एक शैक्षणिक वर्ष में 10 महीने के लिए।

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अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना – नियम और शर्तें

इस मोमा स्कॉलरशिप का पुरस्कार भारत सरकार द्वारा निर्देशित विभिन्न नियमों और शर्तों के अधीन दिया जाता है। कुछ सबसे उपयुक्त नियम और शर्तें नीचे दी गयी हैं –

  • 30% स्कॉलरशिप विशेष रूप से छात्राओं को दी जाएगी। लेकिन, अगर वहाँ पर्याप्त योग्य छात्राएँ उपलब्ध नहीं हैं। तो इन निर्धारित स्कॉलरशिप को योग्य छात्रों को भी दिया जा सकता है
  • इस स्कॉलरशिप में कक्षा 11 और 12 को भी कवर किया गया है जिसमें आईटीआई और पॉलिटेक्निक जैसे तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं।
  • आवेदकों को राज्य / संघ राज्य क्षेत्र में सक्षम अधिकारी से जारी माता-पिता / अभिभावक के आय प्रमाण पत्र को प्रस्तुत करना होगा।
  • केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी स्कॉलरशिप में से, एक छात्र केवल एक योजना का लाभ उठा सकता है।
  • पिछले वर्ष की परीक्षा में न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप अगले वर्ष में दी जा सकती है।
  • एक साल में उपलब्ध माइनॉरिटीज के लिए स्कॉलरशिप की संख्या निर्धारित और सीमित है। चयन में विवाद होने की स्थिति में मार्क्स की तुलना में गरीबी को वेटेज दिया जाएगा।
  • जो छात्र 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके हैं उन्हें स्व-प्रमाणित सामुदायिक प्रमाण पत्र प्रदान करना होगा।
  • एक ही परिवार के ज्यादा से ज्यादा दो छात्र स्कॉलरशिप का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • शैक्षणिक पाठ्यक्रम की अवधि के दौरान रिन्यूअल आवेदन के लिए एक स्कूल / संस्थान से दूसरे में छात्रों को जाने की अनुमति नहीं है।
  • स्कूल अनुशासन का पालन नहीं करने पर स्कॉलरशिप को निलंबित या रद्द किया जा सकता है। स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए गलत बयान देने पर भी स्कॉलरशिप रद्द की जा सकती है।
  • स्कॉलरशिप पुरस्कार और भत्ते डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) मोड के तहत सीधे छात्र के खाते में जमा किए जाएंगे।
  • यह योजना केंद्र द्वारा दी जाने वाली योजना है। इसके अलावा, मोमा इस योजना के लिए 100% फण्ड प्रदान करता है।
  • मंत्रालय नियमित अंतराल पर योजना का मूल्यांकन करता है ।
  • भारत सरकार अपने निर्णय के अनुसार किसी भी समय नियमों को बदल सकती है।

संपर्क विवरण

यदि आवेदक किसी समस्या का सामना कर रहा है या अभी भी उसको इस मोमा स्कॉलरशिप के बारे में कोई संदेह है  तो वह निम्नलिखित साधनों के माध्यम से संबंधित अधिकारी तक पहुंच सकता / सकती है :

फोन : 0120 – 6619540

ईमेल : helpdesk@nsp.gov.in

इसे भी पढ़े : मोमा स्कॉलरशिप – माइनॉरिटी स्कॉलरशिप

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