स्पेस साइंस में करियर बनाने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए इंडिया स्पेस लैब (ISL) ने समर इंटर्नशिप एंड टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम 2026 की घोषणा की है। ISL का समर इंटर्नशिप एंड टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम 2026 भारत और विदेश के मान्यता प्राप्त संस्थानों के UG, PG छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए जारी है।
India Space Lab (भारत अंतरिक्ष प्रयोगशाला) Summer Internship & Technical Training Program यह 45 दिन का पूर्णतः ऑनलाइन कार्यक्रम ड्रोन टेक्नोलॉजी, रॉकेटरी, सैटेलाइट (कैनसैट-क्यूबसैट), रिमोट सेंसिंग (GIS) और डिज़ास्टर मैनेजमेंट में प्रशिक्षण प्रदान करता है। कार्यक्रम पूरा करने पर आधिकारिक सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। दो बैचों के अंतर्गत कुल 2,315 सीटें उपलब्ध हैं । बैच 1 के लिए अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026 और बैच 2 के लिए 10 जून 2026 है। पंजीकरण शुल्क केवल ₹950 है।
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – महत्वपूर्ण तिथियाँ
| विवरण | तिथि |
| पंजीकरण प्रारंभ तिथि (दोनों बैच) | 19 मार्च 2026 |
| बैच 1 पंजीकरण अंतिम तिथि | 27 अप्रैल 2026 |
| बैच 2 पंजीकरण अंतिम तिथि | 10 जून 2026 |
| बैच 1 इंटर्नशिप अवधि | 1 मई से 15 जून 2026 |
| बैच 2 इंटर्नशिप अवधि | 17 जून से 4 जुलाई 2026 |
| प्रमाणपत्र वितरण | कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद |
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 क्या है?
इंडिया स्पेस लैब, नई दिल्ली द्वारा संचालित, भारत सरकार की विकसित भारत @2047 पहल और इंडिया स्पेस वीक के अंतर्गत शुरू किया गया एक इंटर्नशिप कार्यक्रम है।
यह इंटर्नशिप 45 दिनों की ऑनलाइन तकनीकी प्रशिक्षण प्रोग्राम है जिसमें स्पेस टेक्नोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों की तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता को बढ़ाना है।
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – पात्रता मानदंड
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप करने के इच्छुक उम्मीदवारों को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है।
1. आवेदक को भारत या विदेश के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान में अध्ययनरत होना अनिवार्य है।
2. स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) छात्र और रिसर्च स्कॉलर्स आवेदन कर सकते हैं।
3. सभी राज्यों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के छात्र पात्र हैं।
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – बैच विवरण, सीटें और अंतिम तिथि
| बैच | पंजीकरण प्रारंभ | पंजीकरण अंतिम तिथि | इंटर्नशिप अवधि | सीटें |
| बैच 1 | 19 मार्च 2026 | 27 अप्रैल 2026 | 1 मई से 15 जून 2026 | 1,270 |
| बैच 2 | 19 मार्च 2026 | 10 जून 2026 | 17 जून से 4 जुलाई 2026 | 1,045 |
नोट –
1. चयन प्रक्रिया पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी।
2. छात्र अपनी सुविधा के अनुसार बैच का चुनाव कर सकते हैं।
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – पाठ्यक्रम समयावधि
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप निम्नलिखित समयावधि में संचालित किये जाएंगे।
| विषय | बैच 1 | बैच 2 |
| एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी | 1 मई से 4 मई | 17 जून से 19 जून |
| कैनसैट और क्यूबसैट (स्टूडेंट सैटेलाइट) | 5 मई से 7 मई | 22 जून से 24 जून |
| रॉकेटरी ट्रेनिंग प्रोग्राम | 8 मई से 11 मई | 25 जून से 29 जून |
| रिमोट सेंसिंग (GIS) | 12 मई से 14 मई | 30 जून से 1 जुलाई |
| डिज़ास्टर मैनेजमेंट | 15 मई से 18 मई | 2 जुलाई से 4 जुलाई |
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – शुल्क विवरण व लाभ
India Space Lab (भारत अंतरिक्ष प्रयोगशाला) Summer Internship शुल्क विवरण व लाभ इस प्रकार है।
| विवरण | राशि |
| पंजीकरण शुल्क | ₹950 (नॉन-रिफंडेबल) |
| ट्रेनिंग और इंटर्नशिप शुल्क | शून्य |
| स्टाइपेंड | शून्य |
| लाभ | कार्यक्रम पूरा करने पर आधिकारिक सर्टिफिकेट |
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – क्या सीखेंगे?
1. एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी
ड्रोन के डिज़ाइन, निर्माण और संचालन से जुड़ी उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह ड्रोन इंटर्नशिप 2026 उन छात्रों के लिए है जो UAV टेक्नोलॉजी, एरियल मैपिंग और ड्रोन एप्लीकेशन में करियर बनाना चाहते हैं।
2. कैनसैट और क्यूबसैट (स्टूडेंट सैटेलाइट)
इस सत्र में छात्र मिनी सैटेलाइट बनाने और उनके संचालन के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे। स्पेस साइंस में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए यह सैटेलाइट टेक्नोलॉजी कोर्स 2026 एक बेहतरीन अवसर है।
3. रॉकेटरी ट्रेनिंग प्रोग्राम
रॉकेट इंजीनियरिंग के बुनियादी और उन्नत सिद्धांतों के साथ रॉकेट डिज़ाइन और प्रोपल्शन तकनीकों पर प्रशिक्षण मिलेगा।
4. रिमोट सेंसिंग और GIS
भूगोल सूचना प्रणाली (GIS) और रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से उपग्रह डेटा का विश्लेषण करना सिखाया जाएगा। यह कौशल कृषि, शहरी नियोजन और पर्यावरण प्रबंधन में उपयोगी है।
5. डिज़ास्टर मैनेजमेंट
स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग करके आपदा प्रबंधन, बाढ़ पूर्वानुमान और राहत कार्यों में तकनीकी सहयोग की जानकारी दी जाएगी।
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – प्रमाण पत्र
कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद सभी प्रतिभागियों को इंटर्नशिप कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। यह सर्टिफिकेट स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन और GIS के क्षेत्र में करियर बनाने में सहायक होगा और रिज्यूमे को मजबूत बनाएगा।
India Space Lab Summer Internship 2026 – कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
1. ऑनलाइन प्रशिक्षण – घर बैठे देश के किसी भी कोने से प्रतिभागी बन सकते हैं।
2. 45 दिन की अवधि – व्यापक तकनीकी ज्ञान के लिए पर्याप्त समय।
3. दो बैच – छात्र अपनी सुविधा अनुसार बैच चुन सकते हैं।
4. सरकारी पहल से जुड़ा कार्यक्रम – विकसित भारत @2047 और इंडिया स्पेस वीक से जुड़ा है।
5. पाँच प्रमुख विषय – ड्रोन, सैटेलाइट, रॉकेटरी, GIS और डिज़ास्टर मैनेजमेंट।
6. प्रमाणपत्र – कोर्स पूर्ण होने पर आधिकारिक सर्टिफिकेट मिलेगा।
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – आवेदन कैसे करें?
India Space Lab Summer Internship 2026 हेतु आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें।
1. आधिकारिक वेबसाइट https://isl.internship.indiaspaceweek.org/ या https://isl.ac.in/ पर जाएँ।
2. “Registration” बटन पर क्लिक करें।
3. पंजीकरण फॉर्म भरें और अपना बैच चुनें।
4. ₹950 पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें।
5. चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा, इसलिए जल्द से जल्द आवेदन करें।
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 किसके लिए उपयुक्त है?
यह स्पेस इंटर्नशिप 2026 उन छात्रों के लिए उपयुक्त है जो निम्नलिखित क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं:
1. एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
2. ड्रोन और UAV टेक्नोलॉजी
3. सैटेलाइट कम्युनिकेशन
4. रिमोट सेंसिंग और GIS
5. डिफेंस और डिज़ास्टर मैनेजमेंट
6. स्पेस रिसर्च और स्पेस स्टार्टअप
इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 – महत्वपूर्ण लिंक
1. पंजीकरण लिंक – https://isl.internship.indiaspaceweek.org/
2. आधिकारिक वेबसाइट – https://isl.ac.in/
3. इंटर्नशिप विवरण – यहाँ क्लिक करें
India Space Lab Summer Internship 2026 – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
भारत और विदेश के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान के UG, PG छात्र और रिसर्च स्कॉलर्स आवेदन कर सकते हैं।
2. इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 का पंजीकरण शुल्क कितना है?
पंजीकरण शुल्क ₹950 है जो नॉन-रिफंडेबल है। ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है।
3. क्या इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप में स्टाइपेंड मिलेगा?
नहीं, इस कार्यक्रम में कोई स्टाइपेंड नहीं दिया जाएगा। यह इंटर्नशिप पूरी तरह ऑनलाइन और तकनीकी प्रशिक्षण पर केंद्रित है। इंटर्नशिप पूरी करने पर प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
4. इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 की अवधि कितनी है?
इंटर्नशिप की कुल अवधि 45 दिन है। इसकी समयावधि बैच 1 के लिए 1 मई से 15 जून और बैच 2 के लिए 17 जून से 4 जुलाई 2026 है।
5. क्या इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप के बाद सर्टिफिकेट मिलेगा?
हाँ, कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद सभी प्रतिभागियों को इंटर्नशिप कम्पलीशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
6. इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप के बैच 1 और बैच 2 में क्या अंतर है?
बैच 1 में 1,270 सीटें हैं और यह 1 मई से शुरू होता है। बैच 2 में 1,045 सीटें हैं और यह 17 जून से शुरू होता है। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार बैच चुन सकते हैं।
7. इंडिया स्पेस लैब समर इंटर्नशिप 2026 में कौन-कौन से विषय पढ़ाए जाएंगे?
इस कार्यक्रम में एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी, कैनसैट और क्यूबसैट (स्टूडेंट सैटेलाइट), रॉकेटरी ट्रेनिंग, रिमोट सेंसिंग (GIS) और डिज़ास्टर मैनेजमेंट पढ़ाए जाएंगे।
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