“स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता योजना” हरियाणा राज्य सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा 2008-09 में शुरू की गई। यह योजना विशेष रूप से 0-18 वर्ष तक की आयु वाले मानसिक रूप से पिछड़े और कई प्रकार की दिव्यांगता से ग्रस्त बच्चों के लिए उपयुक्त है, जो आधिकारिक शिक्षा या प्रशिक्षण प्राप्त करने में असमर्थ हैं। इस योजना के अंतर्गत, ऐसे बच्चों को हर महीने ₹2150 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे उनके परिवार को उन्हें लगातार देखभाल और निगरानी की जिम्मेदारी संभालने में मदद मिलती है।
दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता योजना 2026 – संक्षिप्त विवरण
| योजना का नाम | स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता |
| प्रदाता | सामाजिक न्याय और अधिकार विभाग, हरियाणा सरकार |
| लाभार्थी | हरियाणा राज्य के दिव्यांगता से ग्रस्त बच्चे |
| लाभ | हर महीने ₹2150 तक की वित्तीय सहायता |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://socialjusticehry.gov.in/ |
| आवेदन फॉर्म का लिंक | यहाँ क्लिक करें |
| आवेदन का मोड | ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से कर सकते हैं |
| आवेदन समयावधि | सदैव जारी |
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स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता योजना – लाभ
1. ₹2150 की वित्तीय सहायता – राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को ₹2150 प्रति माह प्रदान किए जाएंगे।
2. हर परिवार के लिए लाभ – अगर किसी परिवार में एक से अधिक दिव्यांग बच्चे हैं, तो सभी को इस सहायता का लाभ मिलेगा।
3. दिव्यांग पेंशन का लाभ – 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर, लाभार्थी को स्वतः ही दिव्यांग पेंशन का पात्र बना दिया जाएगा।
दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्रता मानदंड
स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता मानदंडों का पालन करना आवश्यक है –
1. दिव्यांगता – आवेदन करने वाले बच्चों की आयु 0 से 18 वर्ष की होनी चाहिए, और वे किसी भी प्रकार की दिव्यांगता जैसे – मानसिक दिव्यांगता, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज्म, या मल्टीपल डिसएबिलिटी से ग्रसित होने चाहिए।
2. शिक्षा और प्रशिक्षण की असमर्थता– बच्चे अपनी दिव्यांगता के कारण शिक्षा, प्रशिक्षण, आदि में भाग लेने में अक्षम हों।
3. राज्य आवासित (डोमिसाइल्ड) हो – आवेदन करने वाला व्यक्ति हरियाणा का मूल निवासी (डोमिसाइल्ड) होना चाहिए और आवेदन के समय कम से कम 3 वर्षों से हरियाणा राज्य में रह रहा हो।
4. दिव्यांगता प्रमाण पत्र – सिविल सर्जन से मेडिकल प्रमाण पत्र प्राप्त होना आवश्यक है, जिसमें दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत स्पष्ट रूप से लिखा हो।
5. आर्थिक स्थिति – परिवार की कुल आय न्यूनतम मजदूरी से कम होनी चाहिए। इस संबंध में प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए।
6. पीड़ित पूरी तरह से अपने माता-पिता और रिश्तेदारों पर निर्भर हो और उसे अपने परिवार से निरंतर देखरेख और देखभाल की आवश्यकता हो।
दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता योजना – आवश्यक दस्तावेज़
इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज होना अनिवार्य है –
1. आयु प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र
- शपथ पत्र (पहली श्रेणी के मजिस्ट्रेट से प्रमाणित)
- राज्य/केंद्र सरकार के किसी भी राजपत्रित अधिकारी से प्राप्त प्रमाण पत्र
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2. निवास प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- माता-पिता/अभिभावक का मतदाता कार्ड
- यदि उपरोक्त दस्तावेजों में से कोई भी उपलब्ध नहीं है, तो स्व-घोषणा पत्र मान्य
3. मेडिकल प्रमाण पत्र
- सिविल सर्जन से दिव्यांगता का प्रमाण पत्र
4. आधार कार्ड
5. पासपोर्ट आकार की फोटो
6. बैंक खाता विवरण और पासबुक की छायाप्रति
7. आय प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा सत्यापित किया गया।
हरियाणा दिव्यांग बच्चों की योजना – आवेदन प्रक्रिया
यह योजना ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से उपलब्ध है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
1. सबसे पहले आवेदक को अंत्योदय-सरल पोर्टल पर जाना होगा।
2. यदि आवेदक पहले से पंजीकृत है, तो वह अपने यूज़र क्रेडेंशियल्स के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। यदि पंजीकरण नहीं है, तो आवेदक पोर्टल पर पंजीकरण करके अपने विवरण भर सकते हैं।
3. फिर, “Check Your Eligibility” विकल्प पर क्लिक करके अपनी पात्रता जांचें।
4. अब विभाग का नाम सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट या योजना के नाम से खोजें।
5. “Apply for Service/Scheme” पर क्लिक करें और सभी आवश्यक विवरण भरें और आवेदन पत्र सबमिट करें।
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ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? Step-by-Step गाइड – ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
1. आवेदक को सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट (DSWO) कार्यालय में आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए जाना होगा। यह आवेदन पत्र विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
2. आवेदन पत्र भरने के बाद, आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित अधिकारी से सत्यापित कराना होगा।
3. फिर आवेदन पत्र को अपने ब्लॉक/जिला के Social Welfare Department (DSWO) कार्यालय में जमा करें।
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2. आवेदन फॉर्म
स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता योजना – FAQs
प्रश्न 1 – “स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता योजना” क्या है?
उत्तर – यह हरियाणा सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके तहत 0-18 वर्ष तक के ऐसे दिव्यांग बच्चों को ₹2150 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो अपनी दिव्यांगता के कारण स्कूल या प्रशिक्षण में भाग लेने में असमर्थ हैं।
प्रश्न 2 – “Non-School Going Disabled Children Scheme” के लिए कौन पात्र है?
उत्तर – इस योजना के लिए हरियाणा के निवासी 0-18 वर्ष आयु के ऐसे बच्चे पात्र हैं, जो मानसिक, शारीरिक या मल्टीपल दिव्यांगता से पीड़ित हैं, और वे अपनी दिव्यांगता के कारण शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं।
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प्रश्न 3 – “स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता योजना” के तहत कितनी राशि मिलती है?
उत्तर – इस योजना के तहत पात्र बच्चों को हर महीने ₹2150 की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे उनकी देखभाल और पालन-पोषण में मदद मिलती है।
प्रश्न 4 – “दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता योजना” के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर – इस योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन (अंत्योदय-सरल पोर्टल के माध्यम से) और ऑफलाइन (DSWO कार्यालय में जाकर) दोनों तरीकों से किया जा सकता है। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करना जरूरी है।
प्रश्न 5 – “Non-School Going Disabled Children Scheme” के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
उत्तर – इस योजना के लिए आयु प्रमाण, निवास प्रमाण, सिविल सर्जन द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, आय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो होना आवश्यक है।
प्रश्न 6 – “Non-School Going Disabled Children Scheme” में एक परिवार के कितने बच्चों को लाभ मिल सकता है?
उत्तर – इस योजना के तहत एक ही परिवार के सभी पात्र दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाती है, यदि वे सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं।
प्रश्न 7 – ” स्कूल जाने में असमर्थ नि:शक्त बच्चों हेतु वित्तीय सहायता योजना” के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु के उपरान्त क्या लाभ प्राप्त होगा?
उत्तर – इस योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी स्वतः ही हरियाणा सरकार की दिव्यांग पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाता है।
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